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सर्वनाम किसे कहते हैं? जानिए परिभाषा, भेद और उदाहरण

SARVANAM KISE KAHTE HAI

सर्वनाम किसे कहते है

संज्ञा के स्थान पर प्रयोग होने वाले शब्दों को सर्वनाम (Pronoun) कहते हैं जैसे – मैं, तुम, वह, यह, आप, कौन, कोई आदि. आसान शब्दों में कहे तो किसी भी लेख में किसी व्यक्ति या वस्तु का नाम बार बार दोहराने से वो वाक्य असहज या कठिन लगने लगता है, ऐसे में उस व्यक्ति या वस्तु के स्थान पर जिन शब्दों का उपयोग किया जाता है उन्हें सर्वनाम कहा जाता है.

सर्वनाम का उदाहरण

सर्वनाम को सीखने के लिए हम आपको इसका एक आसान सा उदाहरण बता रहे है जिसकी मदद से आप सर्वनाम की पूरी परिभाषा को एक उदाहरण से समझ सकते है जैसे –

  • वाक्य – रामू बाजार गया । रामू ने एक किताब खरीदी । रामू किताब लेकर घर आया ।

इस वाक्य में रामू शब्द का कई बार उपयोग हुआ है जिसके कारण वाक्य असहज और पढने में थोडा कठिन लगता है, ऐसे में सर्वनाम का उपयोग करके इस वाक्य को निम्न प्रकार से लिखा जाता है.

  • सर्वनाम का प्रयोग करने पर – रामू बाजार गया । उसने एक किताब खरीदी और वह किताब लेकर घर आया ।

इस प्रकार से वाक्य में नाम के स्थान पर “उसने” और “वह” शब्द का प्रयोग किया गया है ताकि वाक्य को आसान बनाया जा सके, इसमें (उसने एवं वह) शब्द का प्रयोग हुआ है उसी को सर्वनाम कहा जाता है.

सर्वनाम की परिभाषा क्या है

संज्ञा के स्थान पर प्रयोग होने वाले शब्दों को सर्वनाम कहा जाता है एवं हिंदी व्याकरण में सर्वनाम का अर्थ “सबका नाम” होता है, इसलिए सर्वनाम का प्रयोग एक से अधिक व्यक्ति या वस्तुओ के लिए लिए किया जाता है जैसे:

  • मैं – स्वयं को संबोधित करने के लिए इसका उपयोग किया जाता है.
  • तुम – किसी दुसरे व्यक्ति को संबोधित करने के लिए इसका उपयोग किया जाता है.
  • वह – किसी तीसरे व्यक्ति को संबोधित करने के लिए इसका उपयोग किया जाता है.

इस प्रकार से सर्वनाम का उपयोग करके भाषा को सरल, प्रभावशाली और व्यवस्थित बनाया जाता है ताकि वाक्य साफ़, सुंदर और स्पष्ट दिखाई दे एवं पाठक वाक्यों को आसानी से समझ साके.

सर्वनाम के कितने भेद होते है

हिंदी व्याकरण में सर्वनाम के कुल 6 भेद माने गए है जो की निम्न प्रकार से है.

क्र.स.सर्वनामचित्र
1.पुरुषवाचकपुरुषवाचक सर्वनाम
2.निजवाचकनिजवाचक सर्वनाम
3.निश्चयवाचकनिश्चयवाचक
4.अनिश्चयवाचकअनिश्चयवाचक सर्वनाम
5.संबंधवाचकसंबंधवाचक सर्वनाम
6,प्रश्नवाचक प्रश्नवाचक सर्वनाम

नोट – अगर मूल शब्दों की बात करें तो मूल सर्वनाम 11 होते हैं जैसे मैं, तू, आप, यह, वह, जो, सो, कोई, कुछ, कौन, क्या

1. पुरुषवाचक सर्वनाम

जिस सर्वनाम शब्द का प्रयोग किसी भी व्यक्ति के लिए किया जाता है उसे पुरुषवाचक सर्वनाम कहा जाता है, इसका प्रयोग बोलने वाले, सुनने वाले या किसी तीसरे व्यक्ति के लिए किया जाता है, पुरुषवाचक सर्वनाम के 3 भेद होते है जो निम्न प्रकार से है.

  1. उत्तम पुरुषवाचक सर्वनाम
  2. मध्यम पुरुषवाचक सर्वनाम
  3. अन्य पुरुषवाचक सर्वनाम

(क) उत्तम पुरुषवाचक सर्वनाम

उत्तम पुरुषवाचक सर्वनाम का प्रयोग जिस व्यक्ति के द्वारा बात की जा रही है उस व्यक्ति के लिए किया जाता है, जैसे मैं, हम, मेरा, हमारा, मुझे, हमें आदि

  • मैं प्रतिदिन विधालय जाता हूँ.
  • हमने अपना होमवर्क पूरा कर लिया है.
  • मेरा घर विधालय के पास है.
  • मुझे पढाई करना पसंद है.
  • हमें साथ में खेलना पसंद है.

(ख) मध्यम पुरुषवाचक सर्वनाम

मध्यम पुरुषवाचक सर्वनाम का प्रयोग जिस व्यक्ति के साथ बात की जा रही है उस व्यक्ति के लिए किया जाता है जैसे तू, तुम, आप, तुम्हारा, आपका आदि.

  • तुम क्या कर रहे हो.
  • आपका नाम क्या है.
  • तुमने कितने बजे तक पढाई की थी.
  • आपका पसंदीदा विषय कौनसा है.

(ग) अन्य पुरुषवाचक सर्वनाम

अन्य पुरुषवाचक सर्वनाम का प्रयोग किसी तीसरे व्यक्ति (अन्य) व्यक्ति के लिए किया जाता है, जैसे वह, वे, उसका, उनका, इसे, उसे आदि

  • वह मेरा प्रिय मित्र है.
  • वे साथ में बाजार जाते है.
  • उसने मुझे पढने के लिए एक किताब दी.
  • इसे पढाई करना बहुत पसंद है.
  • उसे साथ में पढ़ना अच्छा लगता है.

2. निजवाचक सर्वनाम

सर्वनाम के वो शब्द जिनका प्रयोग स्वय के लिए किया जाता है उन्हें निजवाचक सर्वनाम कहा जाता है, जैसे स्वयं, खुद, अपना, अपने आप, आप आदि

  • मैंने यह होमवर्क स्वयं किया है.
  • वह अपने आप पढने चला गया.
  • में अपना होमवर्क खुद करता हूँ.

नोट – हिंदी में आप शब्द के अलग अलग हो सकते है, जैसे की आदर देने के लिए हम इसका प्रयोग कुछ इस प्रकार से करते है “आप कैसे है” लेकिन निजवाचक में हम आप शब्द का प्रयोग स्वयं के लिए करते है जैसे मैं यह कार्य अपने आप कर लूंगा.

3. निश्चयवाचक या संकेतवाचक सर्वनाम

ऐसे सर्वनाम जिसमे किसी निश्चित व्यक्ति या वस्तु की तरफ संकेत मिलता है उन्हें निश्चयवाचक सर्वनाम कहा जाता है, जैसे यह, वह, ये, वे, इस, उस आदि

  • यह किताब मेरी है.
  • वह मेरा स्कुल है.
  • ये बच्चे क्रिकेट खेल रहे है.
  • वे लोग ट्यूशन करवाते है.
  • इसने परीक्षा में अच्छे अंक प्रप्त किये.

नोट – निश्चयवाचक सर्वनाम में “यह” शब्द पास की वस्तु और “वह” शब्द दूर की वस्तु का संकेत देता है.

4. अनिश्चयवाचक सर्वनाम

ऐसे सर्वनाम शब्द जिसमे किसी व्यक्ति या वस्तु के निश्चित होने का ज्ञान नही होता उन्हें अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहा जाता है, जैसे कोई, कुछ, किसी, कई, अनेक आदि

  • कोई दरवाजे के बाहर खड़ा है.
  • कुछ लोग बाजार में गए है.
  • मेरी किताब किसने ली है.

नोट – अनिश्चयवाचक सर्वनाम के शब्दों में यह निश्चित नहीं होता की कौन व्यक्ति है या कितनी वस्तुएं है.

5. संबंधवाचक सर्वनाम

ऐसे शब्द जो किन्ही 2 वाक्यों या शब्दों के बिच में संबंध स्थापित करते है उन्हें संबंधवाचक सर्वनाम कहा जाता है, जैसे जो, सो, जिसका, जितना, उतना, जैसा, वैसा

  • जो मेहनत करेगा, वह सफल होगा.
  • जैसा कर्म करोगे, वैसा ही फल मिलेगा.
  • जितना पढोगे, उतना ही ज्ञान बढ़ेगा.
  • जिसका इंतजार था, वो पल आ गया.

6. प्रश्नवाचक सर्वनाम

सर्वनाम के ऐसे शब्द जिनका उपयोग प्रश्न पूछने के लिए किया जाता है उन्हें प्रश्नवाचक सर्वनाम कहा जाता है, जैसे कौन, क्या, किसका, किसने, किसे आदि

  • बाहर कौन आया है.
  • तुम्हारा नाम क्या है.
  • तुम कौनसी कक्षा में पढ़ते हो.
  • तुम किसे खोज रहे हो.
  • यह बैग किसका है.

सर्वनाम और संज्ञा में क्या अंतर है

किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान या भाव के नाम को संज्ञा कहते है जबकि संज्ञा के स्थान पर आने वाले शब्दों को सर्वनाम कहते है, जैसे राम, मुंबई और किताब संज्ञा है तो यह, वह और मैं सर्वनाम है, इसके अलावा संज्ञा के 3 भेद होते है जबकि सर्वनाम के 6 भेद होते है.

परीक्षा की दृष्टि महत्वपूर्ण बाते

परीक्षा की दृष्टी से हम आपको सर्वनाम से जुडी कुछ मुख्य बाते बता रहे है जिन्हें आपको याद रखना चाहिए, यह भविष्य में आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है.

  • सर्वनाम संज्ञा के स्थान पर प्रयोग होते है.
  • हिंदी में सर्वनाम के कुल 6 भेद होते है.
  • “मैं” उत्तम पुरुष सर्वनाम का उदहारण है.
  • “तुम” मध्यम पुरुष सर्वनाम का उदाहरण है.
  • “वह” का अन्य पुरुष और निश्चयवाचक दोनों में प्रयोग हो सकता है.
  • “कोई” और “कुछ” अनिश्चयवाचक सर्वनाम है.
  • “जो-सो” संबंधवाचक सर्वनाम के उदाहरण होते है.
  • “कौन” और “क्या” प्रश्नवाचक सर्वनाम है.
1. प्रश्नवाचक सर्वनाम के मुख्य उदाहरण कौन-कौन से हैं?

प्रश्न पूछने के लिए जिन शब्दों का उपयोग किया जाता है उन्हें प्रश्नवाचक सर्वनाम कहा जाता है, इसके मुख्य उदाहरण कौन, क्या, किसका, किसने और किसे आदि है.

2. संबंधवाचक सर्वनाम की पहचान क्या है?

दो वाक्य या दो शब्दों के बिच में परस्पर संबंध को दर्शाने वाले शब्दों को संबंधवाचक सर्वनाम कहा जाता है, इसके उदाहरण निम्न प्रकार से है जो-सो, जैसा-वैसा, जिसका-उसका आदि

3. भाषा में सर्वनाम का प्रयोग करना क्यों आवश्यक है?

किसी वाक्य में संज्ञा को बार बार दोहराने से भाषा थोड़ी कठिन लगने लगती है, ऐसे में सर्वनाम का प्रयोग करने से वाक्य सरल, सुंदर और स्पष्ट बनता ही एवं भाषा में सहजता और प्रवाह आता है. सर्वनाम का प्रयोग होने से किसी भी नाम या वस्तु को वाक्य में बार बार दोहराना नहीं पड़ता.

4. शाब्दिक अर्थ की दृष्टि से सर्वनाम का क्या मतलब होता है?

शाब्दिक अर्थ की दृष्टि से सर्वनाम का अर्थ “सबका नाम” होता है एवं इसका प्रयोग एक से अधिक व्यक्तियों के लिए एवं वस्तुओं के लिए किया जाता है.

यह भी पढ़े अ से ज्ञ तक वर्णमाला हिंदी में (चित्र सहित)

इस लेख में हमने सर्वनाम किसे कहते हैं एवं सर्वनाम कितने प्रकार के होते है इसके बारे में विस्तृत जानकारी देने का प्रयास किया है, अगर आपके मन में इससे जुडा किसी भी प्रकार का सवाल है तो आप हमे कमेंट करके पूछ सकते है एवं जानकारी अच्छी लगे तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर जरुर करें.

Jyoti Kanwar
Jyoti Kanwarhttps://rdchindivyakaran.in
ज्योति कंवर 'RDC हिंदी व्याकरण' की लेखिका हैं। जोधपुर (राजस्थान) की निवासी ज्योति जी शिक्षा विभाग में प्रथम श्रेणी (1st Grade) हिंदी शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं। वे अपने शिक्षण अनुभव और व्याकरण की गहरी समझ को इस ब्लॉग के माध्यम से छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों तक पहुँचाती हैं।
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