
अ से ज्ञ तक वर्णमाला
अ से ज्ञ तक की वर्णमाला में कुल 52 वर्ण होते है एवं हिंदी भाषा के प्रत्येक वर्ण की शुरुआत इन्ही वर्णमाला के वर्णों से होती है, हम आपको अ से लेकर ज्ञ तक की पूरी वर्णमाला बता रहे है जो की निम्न प्रकार से है.
अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ, अं, अः, क, ख, ग, घ, ङ, च, छ, ज, झ, ञ, ट, ठ, ड, ढ, ण, त, थ, द, ध, न, प, फ, ब, भ, म, य, र, ल, व, श, ष, स, ह, क्ष, त्र, ज्ञ
अ से अनार हिंदी में
| क्र. सं. | अक्षर | शब्द | फोटो |
| 1 | अ | अनार | ![]() |
| 2 | आ | आम | ![]() |
| 3 | इ | इमली | ![]() |
| 4 | ई | ईख | ![]() |
| 5 | उ | उल्लू | ![]() |
| 6 | ऊ | ऊन | ![]() |
| 7 | ऋ | ऋषि | ![]() |
| 8 | ए | एड़ी | ![]() |
| 9 | ऐ | ऐनक | ![]() |
| 10 | ओ | ओखली | ![]() |
| 11 | औ | औरत | ![]() |
| 12 | अं | अंगूर | ![]() |
| 13 | अः | खाली | – |
| 14 | क | कबूतर | ![]() |
| 15 | ख | खरगोश | ![]() |
| 16 | ग | गमला | ![]() |
| 17 | घ | घड़ी | ![]() |
| 18 | ङ | खाली | – |
| 19 | च | चम्मच | ![]() |
| 20 | छ | छाता | ![]() |
| 21 | ज | जग | ![]() |
| 22 | झ | झंडा | ![]() |
| 23 | ञ | खाली | – |
| 24 | ट | टमाटर | ![]() |
| 25 | ठ | ठठेरा | ![]() |
| 26 | ड | डमरू | ![]() |
| 27 | ढ | ढक्कन | ![]() |
| 28 | ण | खाली | – |
| 29 | त | तरबूज | ![]() |
| 30 | थ | थर्मस | ![]() |
| 31 | द | दवात | ![]() |
| 32 | ध | धनुष | ![]() |
| 33 | न | नल | ![]() |
| 34 | प | पतंग | ![]() |
| 35 | फ | फल | ![]() |
| 36 | ब | बस | ![]() |
| 37 | भ | भालू | ![]() |
| 38 | म | मछली | ![]() |
| 39 | य | यज्ञ | ![]() |
| 40 | र | रथ | ![]() |
| 41 | ल | लट्टू | ![]() |
| 42 | व | वक | ![]() |
| 43 | श | शलगम | ![]() |
| 44 | ष | षट्कोण | ![]() |
| 45 | स | सपेरा | ![]() |
| 46 | ह | हल | ![]() |
| 47 | क्ष | क्षत्रिय | ![]() |
| 48 | त्र | त्रिशूल | ![]() |
| 49 | ज्ञ | ज्ञानी | ![]() |
हिंदी वर्णमाला में स्वर कितने है
हिंदी भाषा के ऐसे वर्ण जिनका उच्चारण बिना किसी दुसरे वर्ण की सहायता लिए स्वतंत्र रूप से होता है उन्हें स्वर कहा जाता है, हिंदी वर्णमाला में कुल 11 स्वर होते है जो निम्न प्रकार से है.
अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ
- ह्रस्व स्वर – ऐसे स्वर जिनका उच्चारण करने में कम समय लगता है उन्हें ह्रस्व स्वर कहा जाता है, हिंदी वर्णमाला में 4 ह्रस्व स्वर होते है जो निम्न प्रकार से है – अ, इ, उ, ऋ
- दीर्घ स्वर – ऐसे स्वर जिनका उच्चारण करने में अधिक समय लगता है उन्हें दीर्घ स्वर कहा जाता है, हिंदी वर्णमाला में 7 दीर्घ स्वर होते है जो निम्न प्रकार से है – आ, ई, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ
- अयोगवाह – यह ऐसे वर्ण होते है जो ना तो स्वर में आते है और ना ही व्यंजन में आते है, हिंदी वर्णमाला में कुल 2 अयोगवाह होते है जो निम्न प्रकार से है – अं, अः
हिंदी वर्णमाला में व्यंजन कितने है
ऐसे वर्ण जिनका उच्चरण किसी स्वर की सहायता से होता है उन्हें व्यंजन कहा जाता है, हिंदी वर्णमाला में कुल 33 व्यंजन होते है जो की निम्न प्रकार से है – क, ख, ग, घ, ङ, च, छ, ज, झ, ञ, ट, ठ, ड, ढ, ण, त, थ, द, ध, न, प, फ, ब, भ, म, य, र, ल, व, श, ष, स और ह.
1. स्पर्श व्यंजन
ऐसे वर्ण जिन्हें बोलते वक्त जीभ मुंह के किसी न किसी हिस्से को स्पर्श करती है इसलिए उन्हें स्पर्श व्यंजन कहा जाता है, इसमें 5 वर्ग होते है जो निम्न प्रकार से है.
- क वर्ग (कण्ठ्य) – ऐसे वर्ण जो कंठ से निकलते है उन्हें कण्ठ्य कहा जाता है जैसे क, ख, ग, घ, ङ
- च वर्ग (तालव्य) – ऐसे वर्ण जिन्हें बोलते वक्त जीभ मुंह के उपरी हिस्से यानि की तालू को छूती है उन्हें तालव्य कहा जाता है जैसे च, छ, ज, झ, ञ
- ट वर्ग (मूर्धन्य) – ऐसे वर्ण जिन्हें बोलते वक्त जीभ मुड़कर तालू के ऊपर मूर्धा को छूती है उन्हें मूर्धन्य कहा जाता है जैसे ट, ठ, ड, ढ, ण
- त वर्ग (दन्त्य) – ऐसे वर्ण जिन्हें बोलते वक्त जीभ सीधे दांतों को स्पर्श करती है उन्हें दन्त्य कहा जाता है जैसे त, थ, द, ध, न
- प वर्ग (ओष्ठ्य) – ऐसे वर्ण जिन्हें बोलते वक्त होठ (ओष्ठ) आपस में मिलते है उन्हें ओष्ठ्य कहा जाता है जैसे प, फ, ब, भ, म
2. अन्य व्यंजन
- अंतस्थ व्यंजन – ऐसे वर्ण जो ना तो पूरी तरह से स्पर्श व्यंजन है ना ही पूरी तरह से स्वर है, इन्हें बोलते वक्त हवा बिना किसी रुकावट के मुंह से बाहर निकलती है जैसे य, र, ल, व
- ऊष्म व्यंजन – ऐसे वर्ण जिन्हें बोलते वक्त हवा घर्षण खाकर मुंह से बाहर निकलती है जिससे ऊष्मा (गर्मी) पैदा होती है उन्हें ऊष्म व्यंजन कहते है जैसे श, ष, स, ह
- सयुक्त व्यंजन – ऐसे वर्ण जो 2 अलग अलग व्यंजनों के मेल से मिलकर बनते है उन्हें सयुक्त व्यंजन कहा जाता है जैसे त् + र = त्र, क् + ष = क्ष, ज + ञ = ज्ञ, श् + र = श्र
- उत्क्षिप्त (द्विगुण) व्यंजन – उत्क्षिप्त का अर्थ फैका हुआ होता है, अर्थात ऐसे वर्ण जिन्हें बोलते वक्त जीभ झटके से ऊपर जाकर नीचे गिरती है उन्हें उत्क्षिप्त कहा जाता है, इसके अलावा इनमे दो गुण ड/ड़ और ढ/ढ़ होने के कारण उन्हें द्विगुण भी कहा जाता है जैसे ड़, ढ़
हिंदी वर्णमाला में मूल रूप से 52 वर्ण होते हैं, जिनमें स्वर, व्यंजन, अयोगवाह और संयुक्त व्यंजन शामिल हैं.
हिंदी वर्णमाला में कुल 11 स्वर होते है जैसे: अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, और औ
ह्रस्व को कम समय में बोला जात है जैसे अ, इ, उ, ऋ एवं दीर्घ स्वर को बोलने में अधिक समय लगता है जैसे आ, ई, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ
हिंदी वर्णमाला में कुल 33 व्यंजन होते है जैसे: क, ख, ग, घ, ङ, च, छ, ज, झ, ञ, ट, ठ, ड, ढ, ण, त, थ, द, ध, न, प, फ, ब, भ, म, य, र, ल, व, श, ष, स और ह.
अगर आप बच्चो को वर्णमाला सीखना चाहते है तो आपको प्रयेक वर्ण का एक आसान चित्र बनाकर बच्चो को समझना होगा, जैसे अ के सामने अनार लिखे उसके बाद अनार का चित्र बनाए, इससे बच्चे जल्दी सीखेंगे एवं उन्हें वर्णमाला लम्बे समय तक याद रहेगी.
स्वर: अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ, अं, अः
क-वर्ग: क, ख, ग, घ, ङ
च-वर्ग: च, छ, ज, झ, ञ
ट-वर्ग: ट, ठ, ड, ढ, ड़, ढ़, ण
त-वर्ग: त, थ, द, ध, न
प-वर्ग: प, फ, ब, भ, म
अंतःस्थ: य, र, ल, व
ऊष्म: श, ष, स, ह
संयुक्त व्यंजन: क्ष, त्र, ज्ञ, श्र
- यह भी पढ़े – संज्ञा किसे कहते हैं? परिभाषा, भेद और उदाहरण
इस लेख में हमने अ से ज्ञ तक वर्णमाला बताई है अगर आपके मन में वर्णमाला से जुडा किसी भी प्रकार का सवाल है तो आप हमे कमेंट करके पूछ सकते है एवं जानकारी अच्छी लगे तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर जरुर करें.







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